रसीद › रेवेन्यू स्टाम्प
रसीद पर रेवेन्यू स्टाम्प
रसीद पर ₹1 क रेवेन्यू स्टाम्प भारतीय कारोबारक सभ सँ पुरान नियम मे सँ एक अछि। एखनो बहुत लोक एहि मे गलती करैत छथि, या तँ छोड़ि दैत छथि वा ओहि रसीद पर लगबैत छथि जकरा एकर ज़रूरत नहि।
नियम संक्षेप मे
Indian Stamp Act क अनुसार ₹5,000 सँ बेसी पाइक रसीद पर स्टाम्प ड्यूटी लगैत अछि, जे रेवेन्यू स्टाम्प, सामान्यतः ₹1 क, लगा क' देल जाइत अछि। ₹5,000 वा कमक रसीद पर स्टाम्प नहि चाही। स्टाम्प ओ लगबैत छथि जे रसीद दैत छथि, मतलब जिनका पाइ भेटल।
स्टाम्प ड्यूटी हर राज्य तय करैत अछि, आ बेसी राज्य रसीद लेल यैह नियम मानैत अछि। किछु राज्यक अपन रेट वा छूट अछि, तेँ जँ अहाँ बहुत पैघ रसीद दैत छी तँ अपन राज्यक नियम जाँचू।
लोक एकरा कहिया लगबैत छथि
| मामला | स्टाम्प? |
|---|---|
| बिलक लेल ₹12,000 क कैश रसीद | हँ, ₹1 क रेवेन्यू स्टाम्प |
| ₹4,800 क कैश रसीद | नहि |
| ₹15,000 भाड़ा कैश मे, मकान मालिकक रसीद | हँ; HRA क लेल एम्प्लॉयर अक्सर मँगैत छथि |
| कैश मे देल सैलरी वा मज़दूरी, कर्मचारीक सिग्नेचरक संग | सामान्यतः हँ, ₹5,000 सँ बेसी पर |
| UPI वा बैंक ट्रांसफ़र सँ पेमेंट | चलन अलग-अलग अछि; बहुत बिज़नेस छोड़ि दैत अछि किएक तँ बैंकक रिकॉर्ड सबूत अछि। अपन अकाउंटेंट सँ पूछू। |
ठीक सँ कोना लगाउ
- रेवेन्यू स्टाम्प डाकघर, स्टाम्प वेंडर, वा कोर्ट आ बैंक लगक बहुत स्टेशनरी दोकान सँ किनू।
- स्टाम्प रसीदक बॉक्स मे साटू। जखन रसीद कैश मे आ ₹5,000 सँ बेसी हो, तखन मेकर सिग्नेचरक बगल मे "Revenue stamp" बॉक्स छपैत अछि।
- स्टाम्पक ऊपर सँ सिग्नेचर करू जाहि सँ सिग्नेचरक किछु हिस्सा स्टाम्प पर आ किछु कागज़ पर रहय। एहि सँ स्टाम्प "कैंसल" भ' जाइत अछि आ फेर इस्तेमाल नहि भ' सकैत अछि।
- चाही तँ ओहि पर तारीख सेहो लिखू।
हिसाब बला उदाहरण
एकटा ठीकेदारकेँ 4 Nov 2026 केँ एकटा मकान मालिक सँ पेंटिंगक काजक किछु पेमेंट जकाँ ₹25,000 कैश भेटैत छनि। ठीकेदार एतय "पेमेंट कोना भेल" मे "कैश" चुनि रसीद बनबैत छथि। रकम ₹5,000 सँ बेसी अछि, तेँ छपल रसीद पर Revenue stamp बॉक्स देखाइत अछि। ठीकेदार ₹1 क स्टाम्प साटैत छथि, ओकरा पर सिग्नेचर करैत छथि आ ओरिजिनल द' दैत छथि, ऑफिस कॉपी अपना लग रखैत छथि।
आम गलती
- स्टाम्प पर सिग्नेचर नहि। बिना कैंसल कएल स्टाम्प उखाड़ि क' फेर इस्तेमाल भ' सकैत अछि, आ ओ गिनल नहि जाइत अछि।
- ₹1 क स्टाम्प सँ बचबाक लेल एक पेमेंटकेँ ₹5,000-₹5,000 क रसीद मे बाँटब। एहि सँ किछु नहि बचैत अछि आ अहाँक रिकॉर्ड गड़बड़ लगैत अछि।
- डाक टिकट लगाएब। रेवेन्यू स्टाम्प पर "Revenue" लिखल रहैत अछि; डाक टिकट ओ नहि अछि।
- मात्र ऑफिस कॉपी पर स्टाम्प लगाएब। ई ओरिजिनल पर लगैत अछि, जे देनिहारकेँ देल जाइत अछि।
जँ स्टाम्प नहि लागल हो तँ?
बिना स्टाम्पक रसीद पेमेंटक रिकॉर्ड जकाँ बेकार नहि होइत अछि, मुदा Stamp Act क अनुसार बिना स्टाम्पक कागज़ ताधरि सबूत जकाँ नहि मानल जा सकैत अछि जाधरि ड्यूटी आ पेनल्टी नहि भरल जाय। ₹1 क दाम मे, लगा देब सरल अछि।